हवन की महिमा हवन / यज्ञ/ अग्निहोत्र मनुष्यों के साथ सदा से चला आया है। वैदिक धर्म में सर्वोच्च स्थान पर विराजमान यह हवन आज प्रायः एक आम आदमी से दूर है। दुर्भाग्य से इसे केवल कुछ वर्ग, जाति और धर्म तक सीमित कर दिया गया है। कोई यज्ञ पर प्रश्न कर रहा है तो
हिन्दू पंचांग अनुसार प्रत्येक माह में पांच ऐसे दिन आते हैं जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। ऐसी भी मान्यता या धारणा है कि इन दिनों में मरने वाले व्यक्ति परिवार के अन्य पांच लोगों को भी साथ ले जाते हैं। आओ जानते हैं पंचक के पांच रहस्य। पंचक ज्योतिष शास्त्र के
बजरंग बाण पाठ (Bajrang Baan) हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव के रूद्र अवतार कस्टभंजन देव हनुमानजी को समर्पित है। बजरंग बाण पाठ महाकवि तुलसीदास रचित रामचरित मानस के अंश में हनुमान चालीसा के बाद आता है। यह पाठ बजरंग बली हनुमानजी की भक्ति के लिए शक्तिशाली माना जाता है। सभी भक्तजन भगवान
सनातन धर्म में, समय को चार युगों में विभाजित किया गया है: सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, और कलियुग। इन युगों को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है, जो कि सत्व रज और तम हैं। सत्व गुण का अर्थ है शुद्धता, ज्ञान, और सत्यता। रज गुण का अर्थ है गतिशीलता, कर्म, और इच्छा। तम
“संकटमोचन हनुमान अष्टक” (Sankatmochan Hanuman Ashtak) भगवान हनुमान को समर्पित एक पूजनीय भजन है, जो हिंदू धर्म में सबसे प्रसिद्ध देवताओं में से एक हैं। महान कवि तुलसीदास द्वारा रचित, जो अपने महाकाव्य “रामचरितमानस” के लिए भी प्रसिद्ध हैं, यह भजन एक शक्तिशाली भक्ति मंत्र है जिसका उद्देश्य संकट को कम करने और बाधाओं को
सनातन धर्म में ॐ क्या है? क्या है ॐ ओम का अर्थ और ओम का महत्व? सनातन धर्म — जिसे आधुनिक समय में हिंदू धर्म कहा जाता है — दुनिया के सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक धर्मों में से एक है। इस धर्म की आत्मा में बसी है एक रहस्यमय, शक्तिशाली और दिव्य ध्वनि — ॐ





