भूमिका सनातन धर्म की संपूर्ण ज्ञान-परंपरा की नींव वेदों पर टिकी हुई है। वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि वे जीवन, प्रकृति, समाज, कर्म, आत्मा और ब्रह्म के गूढ़ रहस्यों को समझाने वाले शाश्वत ग्रंथ हैं। वेदों को संसार का सबसे प्राचीन ज्ञान-स्रोत माना जाता है। ये ग्रंथ किसी व्यक्ति विशेष द्वारा रचित नहीं
09
Dec
17
Sep
ऋग्वेद सनातन धर्म और सम्पूर्ण विश्व का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है जो उपलब्ध है। इसमें 10 मण्डल, 1028 सूक्त और वर्तमान में 10462 मन्त्र हैं, मन्त्र संख्या के विषय में विद्वानों में कुछ मतभेद है। मन्त्रों में देवताओं की स्तुति की गयी है। इसमें देवताओं का यज्ञ में आह्वान करने के लिये मन्त्र हैं। यही
15
Sep
सभी विद्वानों द्वारा एकमत से वेदो को इस संसार का प्राचीनतम ग्रंथ स्वीकार किया गया है। वेद शब्द का सामान्य अर्थ ज्ञान है। आचार्य सायण के अनुसार वेद वह शब्द- राशि है, जो अभीष्ट प्राप्ति और अनिष्ट को दूर रखने का अलौकिक, दिव्य उपाय बताता है। वेद ब्रह्माजी द्वारा ऋषिओ को दिए गए ज्ञान का


