भूमिका सनातन धर्म के विशाल ज्ञान-समुद्र में “वेदांत” सबसे महत्वपूर्ण दार्शनिक आधार माना जाता है। वेदांत केवल एक विचारधारा नहीं बल्कि जीवन, आत्मा, ब्रह्म, सत्य और मोक्ष के गहन रहस्यों को समझाने वाला संपूर्ण आध्यात्मिक दर्शन है। यह वेदों का अंतिम भाग होने के साथ-साथ उनका सार या निष्कर्ष भी है। वेदों में यज्ञ, कर्म,
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भूमिका सनातन धर्म के विशाल ज्ञान-सागर में यदि वेद उसकी आधारशिला हैं, तो उपनिषद उसका हृदय और आत्मा हैं। वेदों में जहाँ कर्म, यज्ञ और विधियों का वर्णन मिलता है, वहीं उपनिषद इन सबके पीछे छिपे आध्यात्मिक सत्य को प्रकट करते हैं। उपनिषद केवल ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि आत्मबोध की संवाद-परंपरा हैं—गुरु और शिष्य के

