“संकटमोचन हनुमान अष्टक” (Sankatmochan Hanuman Ashtak) भगवान हनुमान को समर्पित एक पूजनीय भजन है, जो हिंदू धर्म में सबसे प्रसिद्ध देवताओं में से एक हैं। महान कवि तुलसीदास द्वारा रचित, जो अपने महाकाव्य “रामचरितमानस” के लिए भी प्रसिद्ध हैं, यह भजन एक शक्तिशाली भक्ति मंत्र है जिसका उद्देश्य संकट को कम करने और बाधाओं को
सनातन धर्म में ॐ क्या है? क्या है ॐ ओम का अर्थ और ओम का महत्व? सनातन धर्म — जिसे आधुनिक समय में हिंदू धर्म कहा जाता है — दुनिया के सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक धर्मों में से एक है। इस धर्म की आत्मा में बसी है एक रहस्यमय, शक्तिशाली और दिव्य ध्वनि — ॐ
भूमिका भारतीय दर्शन का सबसे गूढ़ और रहस्यमय भाग उपनिषद माने जाते हैं। उपनिषद वेदों के अंतिम भाग हैं, जिन्हें “वेदांत” भी कहा जाता है। इनमें जीवन, आत्मा, ब्रह्म और ब्रह्मांड के सत्य का गहन विवेचन मिलता है। उपनिषद हमें बताते हैं कि संसार का मूल तत्व क्या है, मनुष्य का उद्देश्य क्या है, और
हम सनातन हिन्दूधर्मी बचपन से ही एक बात सुनते आ रहे हैं कि हमारी पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी हुई है और, जब वो (शेषनाग) थोड़ा सा हिलते है, तो, भूकंप आता है। और, अंग्रेजी स्कूलों के पढ़े तथा, हर चीज को वैज्ञानिक नजरिये से देखने वाले आज के बच्चे हमारे धर्मग्रंथ की इस
ऋग्वेद सनातन धर्म और सम्पूर्ण विश्व का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है जो उपलब्ध है। इसमें 10 मण्डल, 1028 सूक्त और वर्तमान में 10462 मन्त्र हैं, मन्त्र संख्या के विषय में विद्वानों में कुछ मतभेद है। मन्त्रों में देवताओं की स्तुति की गयी है। इसमें देवताओं का यज्ञ में आह्वान करने के लिये मन्त्र हैं। यही
पुराण किसे कहते हैं: पुराण हमारे सनातन धर्म की धरोहर है जिसके अंतर्गत संपूर्ण सृष्टि का ज्ञान विज्ञान उपलब्ध है। पुराण भारतीय संस्कृति की जान है इनका प्राचीन ग्रन्थों में महत्वपूर्ण स्थान है। पुराण, सनातन धर्म से संबंधित आख्यान ग्रन्थ है और यह सबसे प्राचीनतम ग्रन्थ है जिसमें सृष्टि व ब्रम्हांड से संबंधित विज्ञान, भूगोल
सभी विद्वानों द्वारा एकमत से वेदो को इस संसार का प्राचीनतम ग्रंथ स्वीकार किया गया है। वेद शब्द का सामान्य अर्थ ज्ञान है। आचार्य सायण के अनुसार वेद वह शब्द- राशि है, जो अभीष्ट प्राप्ति और अनिष्ट को दूर रखने का अलौकिक, दिव्य उपाय बताता है। वेद ब्रह्माजी द्वारा ऋषिओ को दिए गए ज्ञान का






