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भूमिका सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को संतुलित, उद्देश्यपूर्ण और सार्थक बनाने की संपूर्ण जीवन-दृष्टि प्रदान करता है। इस दृष्टि का आधार हैं चार पुरुषार्थ। पुरुषार्थ का अर्थ है—मानव जीवन के वे लक्ष्य जिनकी प्राप्ति के लिए मनुष्य प्रयास करता है। सनातन धर्म के अनुसार, यदि
